30 साल बाद लौटा साल बोरर का कहर! 1.47 लाख पेड़ खतरे में, जानिए क्या है ‘Operation Trap Tree’

कल्पना कीजिए… एक ऐसा कीड़ा जो बाहर से पेड़ को हरा-भरा दिखाए लेकिन अंदर ही अंदर उसे पूरी तरह खोखला कर दे। लगभग 30 साल बाद मध्यप्रदेश के साल वनों में यही भयावह स्थिति फिर देखने को मिल रही है।

वन विभाग ने इस संकट से निपटने के लिए ‘Operation Trap Tree’ नामक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत अब तक 10 लाख से अधिक साल बोरर कीट पकड़े जा चुके हैं।


क्या है पूरा मामला?

डिंडोरी जिले सहित मध्यप्रदेश के सामान्य वनमंडल तथा दक्षिण-पूर्व और पश्चिम वन क्षेत्रों में साल बोरर (Sal Borer) नामक विनाशकारी कीट का बड़ा प्रकोप सामने आया है।

  • लगभग 30,487 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित।
  • 1.46 से 1.47 लाख साल के पेड़ संक्रमण की चपेट में।
  • जिले में लगभग 1.50 लाख हेक्टेयर साल वन मौजूद हैं।
  • करीब 40 करोड़ साल के पेड़ इस क्षेत्र में हैं।

वन विभाग के अनुसार, इस स्तर का बड़ा प्रकोप लगभग 30 वर्षों बाद देखने को मिला है।


क्या है Operation Trap Tree?

साल बोरर कीटों को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग ने एक वैज्ञानिक रणनीति अपनाई है।

इस योजना के तहत प्रत्येक दो हेक्टेयर क्षेत्र में एक साल के पेड़ को काटकर उसकी छाल पर विशेष प्रक्रिया की जाती है। इससे निकलने वाली गंध साल बोरर कीटों को आकर्षित करती है और वे उसी पेड़ पर इकट्ठा हो जाते हैं।

इसके बाद ग्रामीण सुबह 5 बजे से 7 बजे के बीच इन कीटों को पकड़कर वन विभाग के संग्रहण केंद्रों पर जमा कराते हैं।

अब तक 10 लाख से अधिक कीट पकड़े जा चुके हैं।


एक करोड़ कीड़ों पर सिर्फ ₹2 का इनाम?

इस अभियान की सबसे अनोखी बात यह है कि ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने के लिए वन विभाग प्रत्येक पकड़े गए साल बोरर कीट पर ₹2 की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेज रहा है।

इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है और जंगलों की सुरक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित हो रही है।


साल बोरर आखिर है क्या?

साल बोरर एक लंबी मूंछों वाला भूरा बीटल (कीट) है।

इसका जीवन चक्र बेहद खतरनाक माना जाता है—

  • मादा जून-जुलाई में साल के पेड़ की छाल पर अंडे देती है।
  • अंडों से निकलने वाले लार्वा तने के अंदर सुरंग बनाते हैं।
  • धीरे-धीरे लकड़ी को खाते हुए पूरे पेड़ को अंदर से खोखला कर देते हैं।
  • कुछ समय बाद पेड़ सूख जाता है और नष्ट हो सकता है।

आगे क्या होगा?

गंभीर रूप से प्रभावित पेड़ों की नियंत्रित कटाई के लिए भारत सरकार से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद संक्रमित पेड़ों को हटाकर संक्रमण को फैलने से रोकने का प्रयास किया जाएगा।

वन विभाग का अनुमान है कि यह अभियान आने वाले महीनों में लाखों साल के पेड़ों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


पर्यावरण के लिए क्यों है यह बड़ी चेतावनी?


साल के जंगल केवल लकड़ी का स्रोत नहीं हैं। वे जैव विविधता, वन्यजीवों के आवास, ग्रामीणों की आजीविका और जलवायु संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं

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