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जबलपुर, मध्यप्रदेश | 05 जुलाई 2026
माँ रेवा (नर्मदा) के पावन तट के समीप स्थित कालीधाम परिसर, जबलपुर से पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को समर्पित “एक पेड़ रेवा के नाम” अभियान का प्रथम चरण सफलतापूर्वक प्रारंभ हुआ। इस जन-अभियान का शुभारंभ रेवा हेरिटेज फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया, जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक नागरिक को प्रकृति, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है।
अभियान के प्रथम चरण में वृक्षारोपण कर इसकी औपचारिक शुरुआत की गई। यह केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रकृति संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना का एक साझा संकल्प भी था।
अभियान का शुभारंभ
अभियान का शुभारंभ डॉ. कैलाश जाटव, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग (कैबिनेट मंत्री दर्जा) द्वारा प्रथम पौधा लगाकर किया गया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनके संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर अनंत श्री बिभुषित पंचखंड द्वादशपीठाधीश्वर दण्डी स्वामी श्री कालिकानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने आशीर्वाद एवं प्रेरणा के साथ अभियान का समर्थन किया।
कार्यक्रम में अनंत श्री बिभूषित कालीधाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्रीमद् डां स्वामी राधे चैतन्य जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने इस अभियान को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं संरक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम में Vipul Mishra, Director, Oyspa Private Limited सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, उद्यमी, नर्मदा प्रेमी एवं स्थानीय नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए और वृक्षारोपण कर अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया।
सरकार, समाज और आध्यात्म का अद्भुत संगम
इस अभियान की सबसे विशेष बात यह रही कि इसके शुभारंभ में शासन, समाज और आध्यात्म— तीनों क्षेत्रों का प्रेरणादायी संगम देखने को मिला।
जहाँ एक ओर डॉ. कैलाश जाटव ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, वहीं अनंत श्री बिभुषित पंचखंड द्वादशपीठाधीश्वर दण्डी स्वामी श्री कालिकानंद सरस्वती जी महाराज तथा अनंत श्री बिभूषित कालीधाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्रीमद् डां स्वामी राधे चैतन्य जी महाराज के आशीर्वाद ने इस जन-अभियान को आध्यात्मिक आधार प्रदान किया।
विपुल मिश्रा एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नर्मदा प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों तथा स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता ने इस पहल को एक व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया।
माँ रेवा के तट से क्यों हुई शुरुआत?
रेवा हेरिटेज फाउंडेशन का मानना है कि नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की जीवनरेखा हैं।
इसी भावना के साथ इस अभियान की शुरुआत माँ रेवा (नर्मदा) के पावन तट के समीप स्थित कालीधाम से की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ जोड़ा जा सके।
रेवा हेरिटेज फाउंडेशन का उद्देश्य
रेवा हेरिटेज फाउंडेशन का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है। संस्था प्रकृति संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण जागरूकता तथा जनसहभागिता को एक साझा सामाजिक आंदोलन के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही है।
“एक पेड़ रेवा के नाम” अभियान इसी दीर्घकालिक संकल्प की पहली सार्वजनिक पहल है।
11 से 11 करोड़ पौधों तक का संकल्प
रेवा हेरिटेज फाउंडेशन ने इस अभियान को एक दीर्घकालिक जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। संस्था का लक्ष्य आने वाले वर्षों में समाज के सहयोग से इस अभियान को व्यापक स्तर पर पहुँचाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने जीवन के विशेष अवसरों को वृक्षारोपण से जोड़ सकें।
कार्यक्रम का सफल समन्वय
कार्यक्रम के समस्त संचालन, समन्वय एवं व्यवस्थाओं का दायित्व रेवा हेरिटेज फाउंडेशन की टीम द्वारा सफलतापूर्वक निभाया गया। अभियान में उपस्थित सभी अतिथियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर इसे सफल बनाया।
“जब एक पौधा केवल लगाया नहीं जाता, बल्कि उसकी जिम्मेदारी भी स्वीकार की जाती है, तभी वह आने वाली पीढ़ियों के लिए आशा का वृक्ष बनता है।”
‘एक पेड़ रेवा के नाम’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और समाज को जोड़ने वाला एक सतत जन-संकल्प है।
