माँ नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवन-दायिनी, संस्कार-दायिनी और दिशा-दायिनी शक्ति हैं। माघ मास के पावन दिनों में प्रारंभ हुई नर्मदा परिक्रमा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं रही, बल्कि यह आत्मचिंतन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का गहन अनुभव बन गई। परिक्रमा के प्रत्येक चरण में, प्रत्येक नर्मदा तट पर […]
