एक थी ‘ज्योति’ ..

जिसको देखते-देखते अपन बचपन से जवान और जवान से अधेड़ हुए, उसे मरते देखने पर दुख कैसे न होता।

सही बताएं तो हमें ज्योति के चेहरे बस से प्यार नर्इं था, उस चेहरे के अंदर उमड़ते-घुमड़ते सुख-दुख, जीवन-मृत्यु, बाग-बगीचों की जन्नत, मार-धाड़, नैतिक-अनैतिक, अच्छे-बुरे संबंधित सारे भावों की सीन-सीनरी अपने को उसकी तरफ खींचती थी।

ज्योति के आगोश में तीन घंटे बिताने के बाद उन घंटों की यादें कभी दिन खराब कर देतीं तो कभी रात। स्कूल के फ्री टाइम में ज्योति के जलवों की ही चर्चा आपस में होती थी।

ज्योति से ‘इश्क़’ हम लुक-छिप के नर्इं, बड़ों के सामने भी खुलकर कर लिया करते थे। हमें याद है बचपन में हमारे मोसिया जी ने सबसे पहले ज्योति से हमारी मुलाकात कराई थी। जब हम ज्योति से मिले तो जीवन में मनोरंजन की एक ‘आशा’ टिमटिमाई। आशा ने सीख भी दी कि ‘शीशा हो या दिल हो आखिर..टूट जाता है’। आठवी क्लास में इसी ज्योति ने ‘जस्टिस चौधरी’ और फिर ‘धर्म और कानून’ के जरिए हमें न्याय की दुनिया से परिचित कराया। उसी दौरान ज्योति डार्लिंग ने हमें ‘बलिदान’ की अहमियत भी बताई। ‘मासूम’ ज्योति बता गई कि मेरे प्यारे ‘राजा हिन्दुस्तानी’ सिर्फ ‘निकाह’ पे भरोसा मत करना, इस ‘सितमगर’ जमाने में ‘खलनायिका’ भी ‘कभी-कभी’ मिल जाया करती हैं, उनसे ‘सावधान’ रहते हुए किसी ‘हथकड़ी’ में न फसना। दरअसल, ‘मोहोब्बतें’ कई बार ‘दिल’ से ‘पुकार’ती हैं, तो ‘नालायक’ युवा ‘जुनून’ में ज्योति के साथ ‘तोड़-फोड़’ भी कर देते हैं। अपन जब जवान हुए गुरु तो पता चला कि अपने अंदर ‘खून’ नहीं, ‘तेजाब’ बहता है। इसी ज्योति ने कभी ‘माधुरी’ से अपने को प्यार कराया, तो कभी जूही से। ज्योति के सामने से निकलते ही अपन ‘शहंशाह’ हो जाया करते थे। अरे हां, हमारी ‘भाभी’ ने एक बार हमें बताया था कि उनके जीवन में भक्ति का जलवा ज्योति ने ‘भक्त प्रहलाद’ की दास्तान सुना के ही किया था। ज्योति से अपना ‘सुख-दुख’ ही नहीं, ‘दर्द का रिश्ता’ भी था। ऐसी ज्योति अगर ‘जलजले’ या ‘आग का शोला’ बनकर यदि ‘राख’ बन जायेगी तो क्या अपने को दुख नर्इं होगा। इसी ज्योति के अंदर से अपन्ने जिंदगी के फलसफे से जुड़े उस गीत के बोल अपने जेहन में उतारे थे कि ‘जिंदगी तो बेवफा है, एक दिन ठुकरायेगी..मौत मेहबूबा है अपने साथ लेकर जायेगी.., मर के जीने की अदा जो दुनिया में दिखलायेगा..’। ज्योति तुम आज पूरी तरह मर गर्इं, लेकिन मर के जीने की अदा दिखा गईं। अपन के दिल में तुम हमेशा रहोगी। तुम्हारी ‘खामोशी’ बता रही है कि ‘तुम्हारा प्यार न होगा कम’। आई लव यू डार्लिंग, रियली आई लव यू। पवन तुमको चाहता रहेगा। “अगर सभी लिखें कि उन्होंने ज्योति में कौन- सी फिल्में देखीं, तो बड़ी मेहरबानी होगी। और, ज्योति को श्रद्धांजलि भी मिलेगी।

Source : Whats App Msg

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