अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब निर्मोही अखाड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है. खत में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक केंद्र सरकार से राम मंदिर निर्माण में निर्मोही अखाड़े की भूमिका स्पष्ट करने के लिए कहा गया है.
अयोध्या के जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए पत्र में निर्मोही अखाड़ा ने पीएम मोदी से मुलाकात का समय भी मांगा है. निर्मोही अखाड़े के पांच सदस्य एक हफ्ते में पीएम मोदी से मिलना चाहते हैं.

इससे पहले निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा ने कहा है कि अखाड़े का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहता है. राम मंदिर निर्माण और देखरेख के लिए बनने वाले ट्रस्ट में अपनी भूमिका को लेकर वो पीएम मोदी से मिलना चाहते हैं. मुलाकात के बाद ही अखाड़ा आगे की रणनीति तय करेगा.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला सुनाया था और निर्मोही अखाड़े के दावे को खारिज कर दिया था. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण और उसकी देखरेख के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया था.
दलील में निर्मोही अखाड़े में क्या कहा था
सुप्रीम कोर्ट में निर्मोही अखाड़े की लिखित दलील में कहा गया था कि विवादित भूमि का आंतरिक और बाहरी अहाता भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में मान्य है. हम रामलला के सेवायत हैं. ये हमारे अधिकार में सदियों से रहा है . निर्मोही अखाड़े ने अपनी दलील में कहा था कि हमें ही रामलला के मंदिर के पुनर्निर्माण, रखरखाव और सेवा का अधिकार मिलना चाहिए.