महाराष्ट्र में एक बार फिर सत्ता के खेल ने जोर पकड़ा है. चुनाव नतीजों के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल को बता दिया है कि वह सरकार बनाने में सक्षम नहीं है. अब शिवसेना से पूछा गया है कि क्या वह सरकार बनाना चाहेगी? ऐसे में एक बार फिर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी एक्टिव हो गए हैं. अब देखना होगा कि क्या महाराष्ट्र में इतिहास पलटेगा और इस बार शिवसेना का मुख्यमंत्री देखने को मिलेगा?
कांग्रेस के अधिकतर विधायक समर्थन के पक्ष में
कांग्रेस के 44 में 37 विधायक इस बात पर सहमत बताए जा रहे हैं कि शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने के पक्ष में हैं. कांग्रेस के विधायकों को फिलहाल जयपुर में रखा गया है और दिल्ली में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मसले पर बैठक कर रहा है.
NCP की बैठक में पहुंचे अजीत पवार
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कवायद तेज हो गई है. दिल्ली से मुंबई तक बैठकों का दौर चल रहा है. शिवसेना ने एनसीपी की शर्त मान ली है, जिसके बाद एनसीपी कोर कमेटी की बैठक कर रही है. बैठक में अजीत पवार भी पहुंच गए हैं. बैठक में शिवसेना को समर्थन पर फैसला लिया जा सकता है.