राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सर्वोच्च नीति निर्धारक बैठक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 13 से 15 मार्च 2026 तक हरियाणा के समालखा में आयोजित हुई। इस बैठक में देशभर से लगभग 1487 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता तथा आगामी शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि “संघ के विस्तार का अर्थ राष्ट्रीय विचार का विस्तार है।” वर्तमान समय में देशभर में संघ की 88 हजार से अधिक शाखाएँ और 55 हजार से अधिक स्थानों पर गतिविधियाँ चल रही हैं।
इस बैठक में लिए गए निर्णयों का प्रभाव पूरे देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश पर भी दिखाई देगा।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
1. संगठन विस्तार पर विशेष जोर
संघ ने देश के हर क्षेत्र में शाखाओं का विस्तार करने का लक्ष्य रखा है। दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में भी संगठन कार्य बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
2. संगठनात्मक ढांचे में बदलाव
संघ अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर संगठन की संरचना में बदलाव करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कई स्थानों पर प्रांत आधारित व्यवस्था के स्थान पर राज्य आधारित व्यवस्था लागू करने की योजना पर चर्चा हुई।
3. सामाजिक समरसता पर जोर
बैठक में समाज में समरसता बढ़ाने और जातिगत भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
4. समाज की सज्जन शक्ति को सक्रिय करना
संघ का उद्देश्य समाज की सकारात्मक और सज्जन शक्ति को राष्ट्र निर्माण के लिए सक्रिय करना है, जिससे सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो सके।
5. शताब्दी वर्ष की तैयारी
संघ अगले वर्ष अपने 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इसके लिए देशभर में बड़े स्तर पर जनसंपर्क और सामाजिक कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई गई है।
मध्य प्रदेश पर संभावित प्रभाव
1. शाखाओं की संख्या में वृद्धि
मध्य प्रदेश संघ का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। नई रणनीति के अनुसार राज्य के छोटे शहरों और गांवों में शाखाओं की संख्या बढ़ सकती है।
2. जनजातीय क्षेत्रों में विशेष कार्य
मध्य प्रदेश में बड़ी जनजातीय आबादी है। संघ के विस्तार की नीति के अनुसार इन क्षेत्रों में शिक्षा, सेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य बढ़ सकता है।
3. सामाजिक समरसता अभियान
जातिगत विभाजन को कम करने के लिए मध्य प्रदेश में सामाजिक समरसता के कार्यक्रम और संवाद अभियान चलाए जा सकते हैं।
4. युवाओं की भागीदारी
संघ की रणनीति में युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर है। इसलिए कॉलेजों और शहरी क्षेत्रों में गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं।
5. राष्ट्रवादी विचारधारा का प्रसार
संघ के अनुसार संगठन विस्तार का अर्थ राष्ट्रीय विचार का विस्तार है। इसलिए मध्य प्रदेश में सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े कार्यक्रमों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
निष्कर्ष
समालखा में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा केवल एक संगठनात्मक बैठक नहीं थी, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए संघ की व्यापक रणनीति का निर्धारण भी थी। संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता और शताब्दी वर्ष की तैयारी जैसे निर्णयों का प्रभाव पूरे देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
आने वाले समय में राज्य में संघ की गतिविधियाँ, सेवा कार्य और सामाजिक संवाद के कार्यक्रम और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।