दक्षिण अफ्रीका के वर्ल्ड कप इतिहास को देखते हुए उसे चोकर्स कहा जाता है. अभी तक इस वर्ल्ड कप में अनचाहे में ही सही दक्षिण अफ्रीका इस तमगे से पीछा छुड़ाती नहीं दिख रही है. इंग्लैंड के खिलाफ हार समझ में आती है, लेकिन बांग्लादेश के सामने नतमस्तक होना उसकी ख्याति के खिलाफ ही गया है. उसकी परेशानियां कम भी नहीं हो रही हैं. टूनार्मेंट की शुरुआत में ही उसके मुख्य तेज गेंदबाज डेल स्टेन चोटिल हो गए थे और अब लुंगी नगिदी 10 दिन के लिए बाहर हो गए हैं. उन्हें द ओवल में खेले गए मैच में मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत हो गई थी.
टीम इंडिया के लिए टॉप ऑर्डर का टिकना जरूरी
वहीं, भारत के लिहाज से देखा जाए तो उसके लिए यह अच्छी खबर है. न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में स्विंग के सामने भारतीय बल्लेबाज बिखर गए थे. ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के दो मुख्य गेंदबाजों का न होना निश्चित ही भारतीय बल्लेबाजों के लिए राहत की बात होगी. अब उनके सामने कगिसो रबाडा की चुनौती अहम होगी.भारतीय बल्लेबाजी की लय शीर्ष-3 के प्रदर्शन पर काफी निर्भर करती है. इन तीन में से अगर एक भी अंत तक खड़े हो जाता है तो भारत का स्कोर अच्छा होता है. बीते दो साल में यही देखा गया है. ऐसे में रोहित शर्मा-शिखर धवन की सलामी जोड़ी पर अच्छी शुरुआत का दारोमदार है तो विराट कोहली पर टीम को संभालने की जिम्मेदारी है.