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नर्मदा परिक्रमा से मिली जीवन को एक नई दिशा: “Reva Heritage Foundation” के गठन का संकल्प

माँ नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवन-दायिनी, संस्कार-दायिनी और दिशा-दायिनी शक्ति हैं।
माघ मास के पावन दिनों में प्रारंभ हुई नर्मदा परिक्रमा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं रही,
बल्कि यह आत्मचिंतन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का गहन अनुभव बन गई।

परिक्रमा के प्रत्येक चरण में, प्रत्येक नर्मदा तट पर परिक्रमावासियों के जीवन को
निकट से देखने का अवसर मिला। कहीं अभाव था, कहीं संघर्ष,
कहीं शिक्षा की कमी तो कहीं मूलभूत संसाधनों का अभाव।
इन दृश्यों ने मन को भीतर तक झकझोर दिया और यह स्पष्ट कर दिया कि
यह यात्रा केवल शरीर की नहीं, बल्कि विचारों की भी थी।

यही वह क्षण था जब यह अनुभूति हुई कि माँ नर्मदा ने इस परिक्रमा के माध्यम से
केवल दर्शन नहीं कराए, बल्कि जीवन का उद्देश्य भी सौंप दिया।
परिक्रमा पूर्ण होते-होते मन में एक स्पष्ट संकल्प आकार लेने लगा —
परिक्रमावासियों के लिए कुछ करना है, और विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक कार्य करना है।

अपने प्रदेश मध्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा के लिए
कुछ ठोस एवं दीर्घकालिक प्रयास करने का विचार
परिक्रमा के हर पड़ाव के साथ और अधिक सुदृढ़ होता गया।
माँ नर्मदा ने यह सिखाया कि सेवा केवल दान तक सीमित नहीं होती,
बल्कि समाज को सशक्त बनाना ही सच्ची सेवा है।

इसी प्रेरणा, इसी भाव और इसी संकल्प के साथ
परिक्रमा के समापन तक मन में
“रेवा हेरिटेज फाउंडेशन” के गठन का निर्णय स्पष्ट हो चुका था।
यह संस्था केवल एक संगठन नहीं,
बल्कि माँ नर्मदा के आशीर्वाद से उपजा वह विचार है
जो शिक्षा, संस्कार और सेवा के माध्यम से
सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है।

पर्यावरण संरक्षण और माँ नर्मदा की सेवा का संकल्प

माँ नर्मदा के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल भाव तक सीमित न होकर कर्म में प्रकट होनी चाहिए।
रेवा हेरिटेज फाउंडेशन माँ नर्मदा के पावन जल को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने
की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करेगा।
नदियों में फैक्ट्रियों के अपशिष्ट, शहरों की गंदगी एवं प्लास्टिक कचरे के प्रवाह
को रोकने हेतु जन-जागरूकता और प्रशासनिक सहयोग के प्रयास किए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने हेतु
वृक्षारोपण, जल-संरक्षण और प्रकृति-संवर्धन
से जुड़े कार्य नियमित रूप से किए जाएंगे,
ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण मिल सके।

माँ नर्मदा की कृपा से आज
रेवा हेरिटेज फाउंडेशन का उदय हो रहा है —
नर्मदा तटवासी समाज के लिए,
परिक्रमावासियों के लिए,
और प्रदेश में बेहतर शिक्षा, पर्यावरण सुरक्षा
और सामाजिक चेतना के लिए।

यह परिक्रमा यहीं समाप्त नहीं हुई,
बल्कि यहीं से एक नए सामाजिक अध्याय की शुरुआत हुई है —
सेवा, संस्कार, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण
के संकल्प के साथ।

नर्मदे हर।

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